डिलीवरी सेवाओं पर GST 5% बिना ITC: ई-कॉमर्स, 1 नवंबर से

रिपोर्ट के अनुसार ई-कॉमर्स ऑपरेटरों के ज़रिए दी जाने वाली डिलीवरी सेवाओं पर GST 1 नवंबर 2026 से 18% से घटकर 5% हो जाएगा, और इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा। जब डिलीवरी पार्टनर को रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं होती, तब टैक्स प्लेटफ़ॉर्म भरता है, और तारीख आगे बढ़ाने की माँग की रिपोर्ट है।
क्या बदला
कब: 1 नवंबर 2026, जैसा रिपोर्ट किया गया है। अधिसूचनाएँ 27 अक्तूबर 2026 की हैं।
| पहले | 1 नवंबर 2026 से (बताया गया) |
|---|---|
| ई-कॉमर्स ऐप से डिलीवरी सेवाओं पर GST दर | |
| 18% | 5% |
| इस दर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट | |
| 18% पर मिलता था | 5% पर नहीं मिलेगा |
| जब डिलीवरी पार्टनर को रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत न हो, तब टैक्स कौन भरे | |
| नियम सिर्फ़ कुछ सेवाओं पर लागू था | ई-कॉमर्स ऑपरेटर, धारा 9(5) के तहत |
| डाक और कूरियर सेवाएँ | |
| इस एंट्री से बाहर | अब भी इस एंट्री से बाहर |

डिलीवरी सेवाओं पर नई GST दर क्या है?
Inc42 (30 अक्तूबर 2026) की रिपोर्ट है कि 27 अक्तूबर 2026 को संशोधित GST नियम अधिसूचित हुए। वे चुनी हुई डिलीवरी सेवाओं पर GST 18% से घटाकर 5% करते हैं, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट अब नहीं मिलेगा।
Taxscan ने 9 अक्तूबर 2026 को रिपोर्ट किया कि GST काउंसिल ने क्रेडिट के बिना यही 5% दर सुझाई थी। TaxGuru कानूनी पहलू बताता है: 27 अक्तूबर 2026 की अधिसूचना 09/2026-केंद्रीय कर (दर)। TaxGuru अपने सार में दर नहीं बताता, इसलिए दर Inc42 और Taxscan की रिपोर्ट पर टिकी है।
डिलीवरी पर GST कौन भरता है, प्लेटफ़ॉर्म या राइडर?
TaxGuru के अनुसार यह अधिसूचना CGST अधिनियम की धारा 9(5) के तहत जारी हुई है। यह ई-कॉमर्स ऑपरेटर के ज़रिए दी जाने वाली डाक और कूरियर के अलावा अन्य डिलीवरी सेवाओं पर लागू है।
ऑपरेटर, यानी ऐप या मार्केटप्लेस, टैक्स भरता है। यह तब लागू है जब तक डिलीवरी करने वाला धारा 22(1) के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य न हो। इसलिए रजिस्ट्रेशन सीमा से नीचे के राइडर या छोटे डिलीवरी पार्टनर से सिर्फ़ इसके लिए रजिस्ट्रेशन नहीं माँगा जाता।

डिलीवरी पर नया GST नियम कब शुरू होगा?
Inc42 और TaxGuru दोनों 1 नवंबर 2026 कहते हैं। TaxGuru जोड़ता है कि अधिसूचना में कोई बदलाव अवधि नहीं दी गई है।
Inc42 की रिपोर्ट है कि नैसकॉम ने 28 अक्तूबर 2026 को वित्त मंत्रालय से शुरुआत 1 जनवरी 2027 तक टालने को कहा। सरकार का कोई जवाब रिपोर्ट नहीं हुआ, इसलिए जब तक नई अधिसूचना कुछ और न कहे, तारीख वही रहेगी।
क्या ऐप पर डिलीवरी शुल्क घटेंगे?
ज़रूरी नहीं। Inc42 के अनुसार कम दर का मतलब कम लागत नहीं है, क्योंकि प्लेटफ़ॉर्म को वह क्रेडिट नहीं मिलेगा जो वे 18% पर लेते थे।
आप जो खाना या सामान मँगाते हैं, उसकी अपनी GST दर वही रहती है। सिर्फ़ डिलीवरी सेवा की एंट्री बदली है। अपने अगले ऑर्डर का बिल देखें।
विक्रेताओं और छोटे डिलीवरी कारोबारियों को क्या करना चाहिए?
अगर आप मार्केटप्लेस पर बेचते हैं, तो अपनी सेटलमेंट रिपोर्ट में देखें कि प्लेटफ़ॉर्म डिलीवरी और प्लेटफ़ॉर्म शुल्क कैसे दिखाता है। अगर आप अपना डिलीवरी कारोबार चलाते हैं और ऐप के ज़रिए सेवा देते हैं, तो प्लेटफ़ॉर्म से पूछें कि टैक्स कौन भरेगा।
अगर आपका टर्नओवर सीमा के पास है, तो हमारी यह गाइड पढ़ें: GST पंजीकरण गाइड. ऑनलाइन विक्रेता हमारी यह गाइड भी पढ़ सकते हैं: ऑनलाइन बिक्री का काम गाइड.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1 नवंबर 2026 से ई-कॉमर्स के ज़रिए डिलीवरी सेवाओं पर GST दर क्या है?
रिपोर्ट के अनुसार इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना 5%, पहले 18% थी।
डिलीवरी शुल्क पर GST कौन भरता है?
ई-कॉमर्स ऑपरेटर धारा 9(5) के तहत भरता है, जब तक डिलीवरी करने वाला धारा 22(1) के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य न हो।
क्या 1 नवंबर की तारीख आगे बढ़ी है?
नैसकॉम ने 28 अक्तूबर 2026 को तारीख 1 जनवरी 2027 तक आगे बढ़ाने की माँग की। सरकार का कोई जवाब रिपोर्ट नहीं हुआ है, इसलिए हम 1 नवंबर को ही तारीख मानते हैं।
क्या आधिकारिक अधिसूचना से इसकी पुष्टि हो चुकी है?
हमारी ओर से अभी नहीं। Inc42 और TaxGuru 27 अक्तूबर 2026 की अधिसूचनाओं का ज़िक्र करते हैं। आधिकारिक साइट पर पढ़ लेने के बाद हम यह पेज अपडेट करेंगे।
डिलीवरी चार्ज पर GST कितना लगेगा?
रिपोर्ट के मुताबिक ई-कॉमर्स से होने वाली डिलीवरी सेवा पर 1 नवंबर 2026 से 5% GST, बिना इनपुट क्रेडिट के। पहले यह 18% था। आधिकारिक अधिसूचना पढ़कर ही पक्का करें।
संक्षेप में
रिपोर्ट के मुताबिक 27 अक्तूबर 2026 की अधिसूचना से e-commerce डिलीवरी सेवा पर GST 18% से घटकर 5% होगा, बिना इनपुट क्रेडिट के, 1 नवंबर 2026 से। टैक्स प्लेटफ़ॉर्म भरेगा। आधिकारिक अधिसूचना हमने अभी नहीं पढ़ी।


