जीएसटी कारण बताओ नोटिस के नियम 2026: साल-वार मांग, सर्कुलर 258

रिपोर्टों के अनुसार 26 अक्तूबर 2026 को जारी सीबीआईसी सर्कुलर 258/04/2026-जीएसटी अधिकारियों को बताता है कि जीएसटी कारण बताओ नोटिस कैसे लिखें: तथ्य और सबूत दें, मांग साल-वार दिखाएं, और सिर्फ टैक्स न चुकाने पर धोखाधड़ी का आरोप न लगाएं। सर्कुलर 259/05/2026-जीएसटी 10% अपील प्री-डिपॉजिट और रिफंड के बारे में है।

क्या बदला
कब: 26 अक्तूबर 2026 के सर्कुलर, रिपोर्टों के अनुसार। रिपोर्टें अलग से शुरू होने की तारीख नहीं बतातीं। ये टैक्स अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश हैं।
| पहले | सर्कुलर 258 और 259 (बताया गया) |
|---|---|
| कारण बताओ नोटिस की सामग्री | |
| अक्सर सिर्फ कानूनी पाठ | तथ्य, सबूत, कानूनी प्रावधान और तय मांग |
| कई सालों को कवर करने वाला नोटिस | |
| एक साथ पूरी मांग | मांग साल-वार दिखाई जाए (एक रिपोर्ट कहती है जरूरी है, दूसरी कहती है बेहतर है) |
| धोखाधड़ी की धाराएं 74 और 74A(5)(ii) | |
| कभी-कभी सिर्फ टैक्स न चुकाने पर लगाई जाती थीं | सिर्फ टैक्स न चुकाने या अंतर होने पर इस्तेमाल नहीं होंगी |
| अपील प्री-डिपॉजिट | |
| बंटवारा कभी-कभी साफ नहीं | विवादित टैक्स का 10% |
| जीतने के बाद रिफंड | |
| रिफंड कभी-कभी रोक लिया जाता था | सिर्फ इसलिए मना नहीं किया जा सकता कि विभाग अपील कर सकता है, जब तक आदेश पर रोक न हो |

जीएसटी कारण बताओ नोटिस के नए नियम क्या कहते हैं?
दो रिपोर्टों (टैक्सगुरु और टैक्सो, दोनों 27 अक्तूबर 2026 के) के अनुसार सीबीआईसी ने 57वीं जीएसटी परिषद बैठक के बाद 26 अक्तूबर 2026 को सर्कुलर संख्या 258/04/2026-जीएसटी जारी किया।
दोनों कहती हैं कि कारण बताओ नोटिस में करदाता का विवरण, कर अवधि, तथ्य, सबूत, कानूनी प्रावधान और तय मांग होनी चाहिए। सिर्फ कानून की धारा की नकल काफी नहीं है।
क्या जीएसटी नोटिस में मांग साल-वार दिखाना जरूरी है?
दोनों रिपोर्टें कहती हैं कि जब नोटिस एक से ज्यादा वित्त वर्ष को कवर करे, तो टैक्स, ब्याज और जुर्माना साल-वार और मुद्दे-वार दिखाया जाना चाहिए। टैक्सगुरु कहता है कि मांग साल-वार होनी ही चाहिए। टैक्सो कहता है कि बेहतर है साल-वार हो। इसलिए हम इसे पक्का नियम नहीं कह सकते।
दोनों यह भी कहती हैं कि केंद्रीय, राज्य, एकीकृत और केंद्र शासित प्रदेश कर की रकम अलग-अलग दिखाई जानी चाहिए।

क्या अधिकारी सिर्फ टैक्स न चुकाने पर धोखाधड़ी का आरोप लगा सकता है?
दोनों रिपोर्टें कहती हैं नहीं। धारा 74 और धारा 74A(5)(ii), जो धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत बयान या छिपाने की धाराएं हैं, सिर्फ टैक्स न चुकाने या जांच में अंतर मिलने पर इस्तेमाल नहीं होनी चाहिए।
नोटिस में खुद वह सामग्री होनी चाहिए जो आरोप का समर्थन करे। अगर अधिकारी आदेश में मामला बदलता है, तो रिपोर्टों के अनुसार आपका जवाब और सबूत फिर भी ठीक से जांचे जाने चाहिए।
सर्कुलर 259 अपील जमा और रिफंड के बारे में क्या कहता है?
दोनों रिपोर्टें कहती हैं कि अपील का प्री-डिपॉजिट विवादित टैक्स का 10% है, आपकी स्वीकार की गई रकम का नहीं।
अगर आदेश आपके पक्ष में आए, तो आप आदेश के आधार पर फॉर्म जीएसटी आरएफडी-01 में रिफंड मांगते हैं। दोनों कहती हैं कि रिफंड सिर्फ इसलिए मना नहीं किया जा सकता कि विभाग अपील करना चाहता है, जब तक आदेश पर रोक न हो।
धारा 115 के तहत ब्याज हर जमा की तारीख से चलता है। रिपोर्टों के अनुसार दर अभी तय नहीं है।
छोटे कारोबारी को जीएसटी नोटिस मिले तो क्या करना चाहिए?
नोटिस की तारीख और जवाब का समय पढ़ें। जांचें कि उसमें आपकी कर अवधि लिखी है, सबूत दिए हैं और हर साल की मांग बताई गई है।
समय पर जवाब दें। सर्कुलर अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश हैं, और दोनों रिपोर्टें कहती हैं कि इन्हें नोटिस या आदेश में उद्धृत नहीं किया जाना चाहिए, इसलिए इन्हें कानूनी अधिकार न मानें। अपने टैक्स सलाहकार से पूछें। हमारा डीआरसी-06 जवाब का प्रारूप आपको तैयारी में मदद करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सीबीआईसी सर्कुलर 258/04/2026-जीएसटी क्या है?
रिपोर्टों के अनुसार 26 अक्तूबर 2026 का सर्कुलर जो अधिकारियों को सबूत और साल-वार मांग के साथ जीएसटी कारण बताओ नोटिस बनाने का तरीका बताता है।
क्या कई सालों का जीएसटी मांग नोटिस मान्य है?
रिपोर्टों के अनुसार मांग साल-वार दिखाई जानी चाहिए। वे यह भी कहती हैं कि कई सालों के नोटिस पर अदालतों की राय अलग है, इसलिए अपने सलाहकार से पूछें।
जीएसटी अपील का प्री-डिपॉजिट कितना है?
सर्कुलर 259, के अनुसार विवादित टैक्स का 10%।
क्या सीबीआईसी की वेबसाइट पर इसकी पुष्टि हुई है?
हमारी ओर से अभी नहीं। टैक्सगुरु और टैक्सो इन सर्कुलरों का वर्णन करते हैं। आधिकारिक साइट पर पढ़ लेने के बाद हम यह पेज अपडेट करेंगे।
जीएसटी नोटिस में धोखाधड़ी का आरोप कब लग सकता है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक सिर्फ टैक्स न भरने से धारा 74 नहीं लगनी चाहिए। नोटिस में धोखाधड़ी का सबूत लिखा होना चाहिए।
संक्षेप में
रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआईसी ने 26 अक्तूबर 2026 को सर्कुलर 258 जारी किया: जीएसटी कारण बताओ नोटिस में तथ्य, सबूत और साल-वार मांग दिखानी होगी। सर्कुलर 259 में अपील का प्री-डिपॉजिट विवादित टैक्स का 10% बताया गया है। हमने आधिकारिक परिपत्र अभी नहीं पढ़ा है, इसलिए यह रिपोर्ट के आधार पर है।


