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अंग्रेज़ी से अनुवादित। अंग्रेज़ी पेज ही असली संदर्भ है; फीस भरने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाँच लें।
साझेदारी विलेख का प्रारूप
दो या अधिक भागीदारों के बीच एक लिखित अनुबंध, जिसमें फ़र्म का नाम, पूँजी, लाभ का बँटवारा, अधिकार और साझेदारी कैसे समाप्त हो सकती है, यह लिखा होता है।
यह किसलिए है
इसे तब उपयोग करें जब दो या अधिक लोग मिलकर व्यवसाय शुरू करें। बैंक, फ़र्म रजिस्ट्रार, जीएसटी और ज़्यादातर लाइसेंस कार्यालय साझेदारी फ़र्म का विलेख माँगते हैं।
कौन हस्ताक्षर करता है
हर भागीदार हर पृष्ठ पर या कम से कम अंतिम पृष्ठ पर हस्ताक्षर करता है। दो साक्षी भी हस्ताक्षर करते हैं।
किन लाइसेंस के लिए यह फ़ॉर्मेट चाहिए
ये संलग्न करें
- हर भागीदार का पहचान और पते का प्रमाण
- हर भागीदार का PAN
- व्यवसाय के परिसर का प्रमाण (स्वामित्व प्रमाण या किराया अनुबंध)
- पहचान प्रमाण के साथ दो साक्षी
स्टांप शुल्क और पंजीकरण
साझेदारी विलेख आमतौर पर स्टांप पेपर या ई-स्टांप पर छपता है। मूल्य आपके राज्य पर निर्भर करता है। विलेख का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, पर फ़र्म रजिस्ट्रार के पास फ़र्म का पंजीकरण एक अलग कदम है और अपंजीकृत फ़र्म के अदालत जाने की सीमाएँ हैं (भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 की धारा 69)।
स्टांप शुल्क आपके राज्य और दस्तावेज़ पर निर्भर करता है। हम यहाँ कोई राशि नहीं दिखाते, क्योंकि वह बदलती रहती है और राज्य के अनुसार अलग होती है। इसे अपने राज्य के पंजीकरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर देखें। सरकारी साइटों पर मिले पोर्टल (जाँच की गई: 21 अक्तूबर 2026):
किसी अन्य राज्य के लिए स्टांप शुल्क अपने राज्य के पंजीकरण विभाग से जाँचें।
भरें, फिर डाउनलोड करें
फ़ॉर्म भरें। दाईं ओर का दस्तावेज़ आपके टाइप करते ही बदलता है। इसे Word या PDF में डाउनलोड करें, प्रिंट करें या पाठ कॉपी करें। कुछ भी कहीं नहीं भेजा जाता।
कानून की वर्तमान स्थिति पर आधारित, उपयोग के लिए तैयार टेम्पलेट। संपत्ति की बिक्री, साझेदारी या बड़ी रकम के करार के लिए हस्ताक्षर से पहले किसी अधिवक्ता से जँचवा लें।
आख़िरी समीक्षा: 30 अक्तूबर 2026
पूर्वावलोकन। जो खाली जगह आपने नहीं भरी, वह स्क्रीन पर पीले रंग में दिखती है और प्रिंट में सादी रेखा बनती है।
भागीदारी विलेख
यह भागीदारी विलेख ________ में ________ को निम्नलिखित के बीच किया गया है:
उपर्युक्त व्यक्ति मिलकर "भागीदार" कहलाएँगे।
जबकि
भागीदारों ने नीचे दी गई शर्तों पर साझेदार के रूप में मिलकर कारोबार करने की सहमति दी है।
अब यह विलेख निम्नलिखित का साक्षी है:
1. फ़र्म का नाम। भागीदारी फ़र्म का नाम ________ ("फ़र्म") है।
2. कारोबार। फ़र्म ________ का कारोबार करेगी, और ऐसा कोई भी अन्य वैध कारोबार जिस पर भागीदार लिखित रूप में सहमत हों।
3. कारोबार का स्थान। फ़र्म के कारोबार का मुख्य स्थान ________ है। भागीदार आपसी सहमति से कारोबार के अन्य स्थान खोल सकते हैं।
4. आरंभ और अवधि। भागीदारी ________ से शुरू होती है और ________ जारी रहेगी, जब तक कि वह इस विलेख में बताए अनुसार पहले समाप्त न हो।
5. पूँजी। फ़र्म की कुल पूँजी ________ है। जब तक भागीदार लिखित रूप में अन्यथा सहमत न हों, हर भागीदार उसी अनुपात में पूँजी लगाएगा जिस अनुपात में लाभ बाँटा जाता है। आपसी सहमति से और पूँजी लाई जा सकती है।
6. लाभ और हानि। फ़र्म का शुद्ध लाभ और हानि भागीदारों में ________ बाँटी जाएगी।
7. वेतन और ब्याज। भागीदारों को वेतन या पूँजी पर ब्याज केवल इस प्रकार दिया जाएगा: ________।
8. बैंक खाता। फ़र्म अपना बैंक खाता ________ में खोलेगी और चलाएगी। खाता ________ द्वारा संचालित किया जा सकता है।
9. हिसाब की बहियाँ। फ़र्म अपने मुख्य कारोबारी स्थान पर उचित हिसाब की बहियाँ रखेगी। हर भागीदार उन्हें किसी भी समय देख सकता है। खाते हर साल 31 मार्च को बंद किए जाएँगे और सभी भागीदारों द्वारा हस्ताक्षरित होंगे।
10. भागीदारों के कर्तव्य। हर भागीदार कारोबार को समय और ध्यान देगा, फ़र्म और अन्य भागीदारों के प्रति ईमानदारी से काम करेगा, और ऐसा कुछ नहीं करेगा जिससे फ़र्म को नुकसान हो।
11. अधिकार। कोई भी भागीदार अन्य सभी भागीदारों की लिखित सहमति के बिना निम्नलिखित में से कुछ नहीं करेगा:
(a) बिना जमानत के फ़र्म का पैसा उधार देना;
(b) किसी व्यक्ति के लिए ज़मानती बनना या गारंटी देना;
(c) फ़र्म की संपत्ति बेचना, गिरवी रखना या दान देना;
(d) फ़र्म के बाहर उसी तरह का कारोबार शुरू करना।
12. नया भागीदार। नया भागीदार केवल सभी भागीदारों की लिखित सहमति से ही शामिल किया जा सकता है।
13. सेवानिवृत्ति। कोई भागीदार अन्य भागीदारों को ________ महीने की लिखित सूचना देकर अलग हो सकता है।
14. मृत्यु या सेवानिवृत्ति। किसी भागीदार की मृत्यु या सेवानिवृत्ति पर फ़र्म तब तक समाप्त नहीं होगी जब तक शेष भागीदार ऐसा तय न करें। अलग हो रहे भागीदार को, या मृत भागीदार के कानूनी वारिसों को देय राशि हिसाब से निकाली जाएगी और चुकाई जाएगी।
15. फ़र्म की समाप्ति। फ़र्म सभी भागीदारों की सहमति से, या भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 में बताए अनुसार भंग की जा सकती है। भंग होने पर संपत्ति से पहले बाहरी लोगों के कर्ज़ चुकाए जाएँगे, फिर भागीदारों को देय राशियाँ, और बाकी लाभ बाँटने के अनुपात में बाँटा जाएगा।
16. विवाद। भागीदार किसी भी विवाद को पहले आपस में बातचीत से सुलझाने का प्रयास करेंगे। यदि वह विफल रहे तो विवाद मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 के तहत मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा। ________ की अदालतों को क्षेत्राधिकार होगा।
17. फ़र्म का पंजीकरण। भागीदार फ़र्म को राज्य के फ़र्म रजिस्ट्रार के पास पंजीकृत करा सकते हैं।
18. अन्य बातें। जो कुछ इस विलेख में शामिल नहीं है वह भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 से शासित होगा।
इसके साक्ष्य में भागीदारों ने ऊपर लिखी तारीख़ को इस विलेख पर हस्ताक्षर किए।
साक्षी:
भागीदारी विलेख
यह भागीदारी विलेख ________ में ________ को निम्नलिखित के बीच किया गया है:
उपर्युक्त व्यक्ति मिलकर "भागीदार" कहलाएँगे।
जबकि
भागीदारों ने नीचे दी गई शर्तों पर साझेदार के रूप में मिलकर कारोबार करने की सहमति दी है।
अब यह विलेख निम्नलिखित का साक्षी है:
1. फ़र्म का नाम। भागीदारी फ़र्म का नाम ________ ("फ़र्म") है।
2. कारोबार। फ़र्म ________ का कारोबार करेगी, और ऐसा कोई भी अन्य वैध कारोबार जिस पर भागीदार लिखित रूप में सहमत हों।
3. कारोबार का स्थान। फ़र्म के कारोबार का मुख्य स्थान ________ है। भागीदार आपसी सहमति से कारोबार के अन्य स्थान खोल सकते हैं।
4. आरंभ और अवधि। भागीदारी ________ से शुरू होती है और ________ जारी रहेगी, जब तक कि वह इस विलेख में बताए अनुसार पहले समाप्त न हो।
5. पूँजी। फ़र्म की कुल पूँजी ________ है। जब तक भागीदार लिखित रूप में अन्यथा सहमत न हों, हर भागीदार उसी अनुपात में पूँजी लगाएगा जिस अनुपात में लाभ बाँटा जाता है। आपसी सहमति से और पूँजी लाई जा सकती है।
6. लाभ और हानि। फ़र्म का शुद्ध लाभ और हानि भागीदारों में ________ बाँटी जाएगी।
7. वेतन और ब्याज। भागीदारों को वेतन या पूँजी पर ब्याज केवल इस प्रकार दिया जाएगा: ________।
8. बैंक खाता। फ़र्म अपना बैंक खाता ________ में खोलेगी और चलाएगी। खाता ________ द्वारा संचालित किया जा सकता है।
9. हिसाब की बहियाँ। फ़र्म अपने मुख्य कारोबारी स्थान पर उचित हिसाब की बहियाँ रखेगी। हर भागीदार उन्हें किसी भी समय देख सकता है। खाते हर साल 31 मार्च को बंद किए जाएँगे और सभी भागीदारों द्वारा हस्ताक्षरित होंगे।
10. भागीदारों के कर्तव्य। हर भागीदार कारोबार को समय और ध्यान देगा, फ़र्म और अन्य भागीदारों के प्रति ईमानदारी से काम करेगा, और ऐसा कुछ नहीं करेगा जिससे फ़र्म को नुकसान हो।
11. अधिकार। कोई भी भागीदार अन्य सभी भागीदारों की लिखित सहमति के बिना निम्नलिखित में से कुछ नहीं करेगा:
(a) बिना जमानत के फ़र्म का पैसा उधार देना;
(b) किसी व्यक्ति के लिए ज़मानती बनना या गारंटी देना;
(c) फ़र्म की संपत्ति बेचना, गिरवी रखना या दान देना;
(d) फ़र्म के बाहर उसी तरह का कारोबार शुरू करना।
12. नया भागीदार। नया भागीदार केवल सभी भागीदारों की लिखित सहमति से ही शामिल किया जा सकता है।
13. सेवानिवृत्ति। कोई भागीदार अन्य भागीदारों को ________ महीने की लिखित सूचना देकर अलग हो सकता है।
14. मृत्यु या सेवानिवृत्ति। किसी भागीदार की मृत्यु या सेवानिवृत्ति पर फ़र्म तब तक समाप्त नहीं होगी जब तक शेष भागीदार ऐसा तय न करें। अलग हो रहे भागीदार को, या मृत भागीदार के कानूनी वारिसों को देय राशि हिसाब से निकाली जाएगी और चुकाई जाएगी।
15. फ़र्म की समाप्ति। फ़र्म सभी भागीदारों की सहमति से, या भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 में बताए अनुसार भंग की जा सकती है। भंग होने पर संपत्ति से पहले बाहरी लोगों के कर्ज़ चुकाए जाएँगे, फिर भागीदारों को देय राशियाँ, और बाकी लाभ बाँटने के अनुपात में बाँटा जाएगा।
16. विवाद। भागीदार किसी भी विवाद को पहले आपस में बातचीत से सुलझाने का प्रयास करेंगे। यदि वह विफल रहे तो विवाद मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 के तहत मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा। ________ की अदालतों को क्षेत्राधिकार होगा।
17. फ़र्म का पंजीकरण। भागीदार फ़र्म को राज्य के फ़र्म रजिस्ट्रार के पास पंजीकृत करा सकते हैं।
18. अन्य बातें। जो कुछ इस विलेख में शामिल नहीं है वह भारतीय भागीदारी अधिनियम, 1932 से शासित होगा।
इसके साक्ष्य में भागीदारों ने ऊपर लिखी तारीख़ को इस विलेख पर हस्ताक्षर किए।
साक्षी:
கூட்டாண்மை ஒப்பந்தம்
இந்தக் கூட்டாண்மை ஒப்பந்தம் ________ இல் ________ அன்று பின்வருவோருக்கிடையே செய்யப்படுகிறது:
மேற்கண்டவர்கள் அனைவரும் சேர்ந்து "பங்குதாரர்கள்" எனப்படுவர்.
இதனால்
கீழ்க்காணும் நிபந்தனைகளின்படி பங்குதாரர்களாகச் சேர்ந்து தொழில் நடத்த பங்குதாரர்கள் ஒப்புக்கொண்டுள்ளனர்.
இந்த ஒப்பந்தம் பின்வருவனவற்றிற்குச் சாட்சியாகிறது:
1. நிறுவனத்தின் பெயர். கூட்டாண்மை நிறுவனத்தின் பெயர் ________ ("நிறுவனம்").
2. தொழில். நிறுவனம் ________ தொழிலையும், பங்குதாரர்கள் எழுத்துமூலம் ஒப்புக்கொள்ளும் வேறு எந்தச் சட்டப்பூர்வத் தொழிலையும் நடத்தும்.
3. தொழில் நடக்கும் இடம். நிறுவனத்தின் முதன்மைத் தொழில் இடம் ________. பங்குதாரர்கள் பரஸ்பர ஒப்புதலுடன் வேறு தொழில் இடங்களைத் திறக்கலாம்.
4. தொடக்கமும் காலமும். கூட்டாண்மை ________ முதல் தொடங்குகிறது; இந்த ஒப்பந்தத்தில் கூறியபடி முன்னதாக முடிவடையாத வரை ________ தொடரும்.
5. மூலதனம். நிறுவனத்தின் மொத்த மூலதனம் ________. பங்குதாரர்கள் எழுத்துமூலம் வேறுவிதமாக ஒப்புக்கொள்ளாத வரை, ஒவ்வொரு பங்குதாரரும் இலாபம் பகிரப்படும் விகிதத்திலேயே மூலதனம் செலுத்துவார். பரஸ்பர ஒப்புதலுடன் கூடுதல் மூலதனம் கொண்டுவரலாம்.
6. இலாபமும் நட்டமும். நிறுவனத்தின் நிகர இலாபமும் நட்டமும் பங்குதாரர்களிடையே ________ பகிரப்படும்.
7. சம்பளமும் வட்டியும். பங்குதாரர்களுக்குச் சம்பளம் அல்லது மூலதனத்தின் மீது வட்டி பின்வருமாறு மட்டுமே வழங்கப்படும்: ________.
8. வங்கிக் கணக்கு. நிறுவனம் தனது வங்கிக் கணக்கை ________ இல் தொடங்கி நடத்தும். கணக்கை ________ இயக்கலாம்.
9. கணக்குப் புத்தகங்கள். நிறுவனம் தனது முதன்மைத் தொழில் இடத்தில் முறையான கணக்குப் புத்தகங்களை வைத்திருக்கும். ஒவ்வொரு பங்குதாரரும் எந்த நேரத்திலும் அவற்றைப் பார்வையிடலாம். கணக்குகள் ஆண்டுதோறும் மார்ச் 31 அன்று முடிக்கப்பட்டு அனைத்துப் பங்குதாரர்களாலும் கையொப்பமிடப்படும்.
10. பங்குதாரர்களின் கடமைகள். ஒவ்வொரு பங்குதாரரும் தொழிலுக்கு நேரமும் கவனமும் செலுத்துவார்; நிறுவனத்திடமும் மற்ற பங்குதாரர்களிடமும் நேர்மையாக நடந்துகொள்வார்; நிறுவனத்திற்குத் தீங்கு விளைவிக்கும் எதையும் செய்யமாட்டார்.
11. அதிகாரங்கள். மற்ற அனைத்துப் பங்குதாரர்களின் எழுத்துமூல ஒப்புதல் இல்லாமல் எந்தப் பங்குதாரரும் பின்வருவனவற்றில் எதையும் செய்யக்கூடாது:
(a) பிணையின்றி நிறுவனத்தின் பணத்தைக் கடனாகக் கொடுப்பது;
(b) எவருக்கும் பிணையாக நிற்பது அல்லது உத்தரவாதம் அளிப்பது;
(c) நிறுவனத்தின் சொத்தை விற்பது, அடமானம் வைப்பது அல்லது தானமாகக் கொடுப்பது;
(d) நிறுவனத்திற்கு வெளியே அதே வகைத் தொழிலைத் தொடங்குவது.
12. புதிய பங்குதாரர். அனைத்துப் பங்குதாரர்களின் எழுத்துமூல ஒப்புதலுடன் மட்டுமே புதிய பங்குதாரரைச் சேர்க்கலாம்.
13. ஓய்வு. ஒரு பங்குதாரர் மற்ற பங்குதாரர்களுக்கு ________ மாத எழுத்துமூல அறிவிப்புக் கொடுத்து விலகலாம்.
14. இறப்பு அல்லது ஓய்வு. ஒரு பங்குதாரர் இறந்தாலோ ஓய்வு பெற்றாலோ, எஞ்சிய பங்குதாரர்கள் அவ்வாறு முடிவு செய்தாலன்றி நிறுவனம் முடிவடையாது. விலகும் பங்குதாரருக்கோ இறந்த பங்குதாரரின் சட்டப்பூர்வ வாரிசுகளுக்கோ தர வேண்டிய தொகை கணக்குகளிலிருந்து கணக்கிடப்பட்டுச் செலுத்தப்படும்.
15. நிறுவனத்தை முடித்தல். அனைத்துப் பங்குதாரர்களின் ஒப்புதலால், அல்லது இந்தியக் கூட்டாண்மைச் சட்டம், 1932 இல் கூறியபடி நிறுவனம் கலைக்கப்படலாம். கலைப்பின்போது, சொத்துகளிலிருந்து முதலில் வெளியாருக்கான கடன்கள், பின்னர் பங்குதாரர்களுக்குத் தர வேண்டிய தொகைகள் செலுத்தப்படும்; மீதி இலாபப் பகிர்வு விகிதத்தில் பகிரப்படும்.
16. தகராறுகள். எந்தத் தகராறையும் பங்குதாரர்கள் முதலில் தங்களுக்குள் பேசித் தீர்க்க முயல்வர். அது தோல்வியடைந்தால், நடுவர் மற்றும் சமரசச் சட்டம், 1996 இன் கீழ் நடுவர் மன்றத்திற்கு அனுப்பப்படும். ________ நீதிமன்றங்களுக்கு அதிகார வரம்பு இருக்கும்.
17. நிறுவனப் பதிவு. பங்குதாரர்கள் நிறுவனத்தை மாநிலத்தின் நிறுவனப் பதிவாளரிடம் பதிவு செய்யலாம்.
18. பிற விஷயங்கள். இந்த ஒப்பந்தத்தில் குறிப்பிடப்படாதவை இந்தியக் கூட்டாண்மைச் சட்டம், 1932 ஆல் நிர்வகிக்கப்படும்.
இதற்குச் சாட்சியாக, பங்குதாரர்கள் மேலே எழுதிய தேதியில் இந்த ஒப்பந்தத்தில் கையொப்பமிட்டனர்.
சாட்சிகள்:
PARTNERSHIP DEED
This Deed of Partnership is made at ________ on this ________ between:
The above persons are together called "the Partners".
WHEREAS
The Partners have agreed to carry on business together as partners on the terms below.
NOW THIS DEED WITNESSETH AS FOLLOWS:
1. Name of the firm. The name of the partnership firm is ________ (the "Firm").
2. Business. The Firm will carry on the business of ________, and any other lawful business the Partners agree on in writing.
3. Place of business. The principal place of business of the Firm is ________. The Partners may open other places of business by mutual consent.
4. Start and duration. The partnership starts from ________ and will continue ________, unless it ends earlier as provided in this deed.
5. Capital. The total capital of the Firm is ________. Each Partner will contribute capital in the proportion in which profits are shared, unless the Partners agree otherwise in writing. More capital can be brought in by mutual consent.
6. Profits and losses. The net profits and losses of the Firm will be shared by the Partners ________.
7. Salary and interest. Salary or interest on capital will be paid to the Partners only as follows: ________.
8. Bank account. The Firm will open and run its bank account with ________. The account may be operated by ________.
9. Books of account. The Firm will keep proper books of account at its principal place of business. Every Partner may inspect them at any time. The accounts will be closed on 31st March every year and signed by all the Partners.
10. Duties of the Partners. Each Partner will give time and attention to the business, act honestly towards the Firm and the other Partners, and will not do anything that harms the Firm.
11. Powers. No Partner will do any of the following without the written consent of all the other Partners:
(a) lend the money of the Firm without security;
(b) stand surety or give a guarantee for any person;
(c) sell, mortgage or give away the property of the Firm;
(d) start a business of the same kind outside the Firm.
12. New partner. A new partner can be admitted only with the written consent of all the Partners.
13. Retirement. A Partner may retire by giving ________ months' written notice to the other Partners.
14. Death or retirement. The Firm will not end on the death or retirement of a Partner unless the remaining Partners decide so. The amount due to a retiring Partner, or to the legal heirs of a deceased Partner, will be worked out from the accounts and paid.
15. Ending the Firm. The Firm may be dissolved by the agreement of all the Partners, or as provided in the Indian Partnership Act, 1932. On dissolution, the assets will first pay the debts to outsiders, then the amounts due to the Partners, and the balance will be shared in the profit sharing ratio.
16. Disputes. The Partners will first try to settle any dispute by talking to each other. If that fails, the dispute will be referred to arbitration under the Arbitration and Conciliation Act, 1996. The courts at ________ will have jurisdiction.
17. Registration of the Firm. The Partners may get the Firm registered with the Registrar of Firms of the state.
18. Stamp duty. This deed is made on stamp paper of the value that the stamp law of the state where it is signed requires.
19. Other matters. Anything not covered in this deed will be governed by the Indian Partnership Act, 1932.
IN WITNESS WHEREOF the Partners have signed this deed on the date written above.
Witnesses:
इस दस्तावेज़ को कैसे निष्पादित करें
- स्टाम्प पेपर: इसकी रकम आपके राज्य और दस्तावेज़ पर निर्भर करती है। आधिकारिक दरों के लिए स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर देखें। स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर
- नोटरीकरण: अक्सर रिकॉर्ड के लिए कराया जाता है, पर जहाँ कानून में पंजीकरण ज़रूरी है वहाँ उसकी जगह नहीं ले सकता।
- पंजीकरण: विलेख का पंजीकृत होना ज़रूरी नहीं है। फर्मों के रजिस्ट्रार के पास फर्म का पंजीकरण वैकल्पिक है, पर अपंजीकृत फर्म को अदालत जाने में सीमाएँ होती हैं (भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932,, धाराएँ 58 और 69)।
- कौन हस्ताक्षर करे: हर भागीदार हर पृष्ठ पर या कम से कम अंतिम पृष्ठ पर हस्ताक्षर करता है। दो साक्षी भी हस्ताक्षर करते हैं।
- गवाह: 2 वयस्क जो आपको हस्ताक्षर करते देखें। हर गवाह अपना नाम, पता और हस्ताक्षर लिखता है।
- आईडी और फ़ोटो: हर हस्ताक्षरकर्ता की असली आईडी और हाल की फ़ोटो साथ रखें। दस्तावेज़ पर आधार नंबर कभी न लिखें।
- कहाँ जमा करें: इसे दोनों पक्ष अपने पास रखें। अगर पंजीकरण ज़रूरी है तो इसे उप-पंजीयक कार्यालय ले जाएँ।
आम गलतियाँ
- स्टाम्प पेपर खरीदने या पंजीकरण के समय से पहले हस्ताक्षर कर देना।
- नाम या वर्तनी का आईडी से मेल न खाना।
- कोई भी खाली लाइन छोड़ना या गवाह का पता न लिखना।
- जिस दस्तावेज़ का पंजीकरण कानून में ज़रूरी है, उसे पंजीकृत न कराना।