ई-वे बिल नंबर 14 अंकों का, 1 जनवरी 2027 से: GSTN

रिपोर्ट के अनुसार GSTN की 4 नवंबर 2026 की एडवाइजरी से ई-वे बिल नंबर 12 से 14 अंकों का और कंसोलिडेटेड ई-वे बिल नंबर 10 से 11 अंकों का हो जाएगा, 1 जनवरी 2027 से। यह उन व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और बिलिंग सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने वालों के लिए सबसे जरूरी है जो ये नंबर सहेजते या जांचते हैं।

क्या बदला
कब: 1 जनवरी 2027, जैसा रिपोर्ट किया गया है। प्रस्तावित बताया गया है; पहले सैंडबॉक्स में टेस्टिंग होगी।
| पहले | अब (बताया गया) |
|---|---|
| ई-वे बिल नंबर | |
| 12 अंक | 14 अंक |
| कंसोलिडेटेड ई-वे बिल नंबर | |
| 10 अंक | 11 अंक |
| टेस्टिंग | |
| लागू नहीं | पहले सैंडबॉक्स में जारी होगा, जानकारी ई-वे बिल पोर्टल पर |
| बिलिंग सॉफ्टवेयर और API | |
| 12 और 10 अंकों के नंबर के लिए बने हैं | लंबे नंबर स्वीकार करने होंगे |

ई-वे बिल नंबर का नया फॉर्मेट क्या है?
Taxguru और Studycafe ने 4 और 5 नवंबर 2026 को रिपोर्ट किया कि GSTN ने नंबरिंग फॉर्मेट बदलने की एडवाइजरी जारी की है। अभी ई-वे बिल नंबर में 12 अंक होते हैं। 1 जनवरी 2027 से इसमें 14 अंक होंगे।
कंसोलिडेटेड ई-वे बिल नंबर, जो तब बनता है जब एक गाड़ी कई माल ले जाती है, अभी 10 अंकों का है। इसमें 11 अंक होंगे।
GSTN ई-वे बिल नंबर क्यों बदल रहा है?
दोनों रिपोर्ट कहती हैं कि कारण बिलों की बड़ी संख्या है। GSTN के हवाले से कहा गया है कि इतने ज्यादा ई-वे बिल बनने से मौजूदा नंबरिंग क्षमता खत्म होने वाली है। लंबा नंबर और ज्यादा बिलों के लिए जगह बनाता है।

क्या 14 अंकों का ई-वे बिल पक्का है या प्रस्तावित?
दोनों रिपोर्ट इसे प्रस्तावित या संशोधित बताती हैं और कहती हैं कि यह पहले टेस्टिंग के लिए सैंडबॉक्स में जारी होगा। तकनीकी जानकारी ई-वे बिल पोर्टल पर प्रकाशित की जाएगी। किसी रिपोर्ट में एडवाइजरी नंबर नहीं है, और हम GSTN की एडवाइजरी खुद नहीं खोल सके।
इसलिए 1 जनवरी 2027 को योजनाबद्ध तारीख मानें। आधिकारिक एडवाइजरी की पुष्टि होने पर हम यह पेज अपडेट करेंगे।
नए ई-वे बिल नंबर के लिए किसे सिस्टम अपडेट करने होंगे?
रिपोर्ट में करदाताओं, GST सुविधा प्रदाताओं, ERP और सॉफ्टवेयर प्रदाताओं और API इंटीग्रेटरों का नाम है। उन्हें एप्लिकेशन, API, डेटाबेस स्कीमा और वैलिडेशन नियम अपडेट करने चाहिए ताकि लंबे नंबरों पर कुछ न रुके।
जो छोटा व्यापारी पोर्टल पर हाथ से ई-वे बिल बनाता है, उसे कुछ खास नहीं करना है। अगर आपका बिलिंग ऐप नंबर को 12 अंकों की सीमा वाले फील्ड में सहेजता है तो अपने सॉफ्टवेयर प्रदाता से इसे ठीक करने को कहें।
क्या इससे बदलता है कि ई-वे बिल कब चाहिए?
नहीं। रिपोर्ट केवल नंबर के फॉर्मेट की बात करती हैं। ई-वे बिल कब चाहिए और उसकी वैधता के नियम इस बदलाव का हिस्सा नहीं हैं। अपने GST पंजीकरण विवरण हमारी इस गाइड में जांचें: GST पंजीकरण गाइड.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1 जनवरी 2027 से ई-वे बिल नंबर में कितने अंक होंगे?
रिपोर्ट के अनुसार 14 अंक, जो पहले 12 थे। कंसोलिडेटेड ई-वे बिल नंबर 10 से 11 अंकों के हो जाएंगे।
ई-वे बिल नंबर लंबा क्यों हो रहा है?
GSTN के अनुसार बिलों की बहुत अधिक संख्या के कारण मौजूदा नंबरिंग क्षमता खत्म होने वाली है।
क्या छोटे व्यापारियों को कुछ करना होगा?
अगर आप पोर्टल पर हाथ से बिल बनाते हैं तो नहीं। अगर आप बिलिंग सॉफ्टवेयर या API इस्तेमाल करते हैं तो अपने प्रदाता से लंबे नंबर सपोर्ट करने को कहें।
क्या तारीख पक्की है?
रिपोर्ट इसे प्रस्तावित बताती हैं। पहले सैंडबॉक्स में टेस्टिंग होगी और पोर्टल की जानकारी बाद में आएगी। हम खुद एडवाइजरी नहीं खोल सके।
ई-वे बिल नंबर 14 अंकों का हो जाएगा क्या?
रिपोर्ट के अनुसार हां, 1 जनवरी 2027 से, 12 से 14 अंक। अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर वाले से जांच लें।
संक्षेप में
रिपोर्ट के अनुसार GSTN की 4 नवंबर 2026 की एडवाइजरी से ई-वे बिल नंबर 12 से 14 अंक और कंसोलिडेटेड नंबर 10 से 11 अंक का होगा, 1 जनवरी 2027 से। अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर वाले को अभी बता दें। आधिकारिक एडवाइजरी हमने अभी नहीं पढ़ी है।


